उच्च न्यायालय ने समाप्त किया संविदा सेवा समाप्ति के विरुद्ध स्थगन, संविदा सेवा पर लटकी तलवार

उमरिया– सेवा निवृत्त सहायक राजस्व निरीक्षक चंद्रशेखर शुक्ला ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगरपालिका परिषद उमरिया को प्रेषित पत्र में माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा रिट याचिका क्रमांक 48232/2025 के तहत दिनांक 24/09/2026 को जारी आदेश का हवाला देते हुए सेवानिवृत स्वच्छता निरीक्षक नारायण दुबे वर्तमान पद स्वच्छता प्रभारी संविदा को तत्काल सेवामुक्त किए जाने की मांग की है।
यह है मामला – वर्ष 2025-26 में तत्कालीन स्वच्छता निरीक्षक नारायण दुबे के सेवानिवृत्त होने के उपरांत नगरपालिका परिषद उमरिया ने उन्हें राजस्व निरीक्षक के पद पर कार्यालयीन आदेश क्रमांक 2376/न.पा./स्था./2025 उमरिया दिनांक 02/07/2025 के द्वारा संविदा नियुक्ति प्रदान की थी । संविदा नियुक्ति के लगभग 5 माह बाद मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगरपालिका परिषद उमरिया ने अपने कार्यालयीन पत्र क्रं. /4406/स्था./न.पा./2025 उमरिया दिनांक 08/12/2025 के द्वारा संविदा अनुबंध की कंडिका 5.7 के अनुसार एक माह का वेतन देकर उक्त संविदा नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया था। संविदा नियुक्ति समाप्ति के विरुद्ध नारायण दुबे ने माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में रिट याचिका क्रमांक 48232/2025 दायर की थी। जिसके अनुक्रम में माननीय उच्च न्यायालय ने स्थगन आदेश जारी किया था। चंद्रशेखर शुक्ला का कहना है कि जहां एक ओर मुख्य नगरपालिका अधिकारी किशन सिंह ने नारायण दुबे की संविदा सेवा समाप्ति का आदेश जारी किया वहीं दूसरी ओर विरोधाभासी कदम उठाते हुए वर्ष 2026-27 के लिए नारायण दुबे को सेवावृद्धि भी प्रदान कर दी है।


दायर हुआ अंतर्वर्ती आवेदन- नारायण दुबे की संविदा नियुक्ति की वैधता को चुनौती देते हुए तथा स्थगन को समाप्त कराने के लिए सेवानिवृत्त सहायक राजस्व निरीक्षक चंद्रशेखर शुक्ला ने रिट याचिका क्रमांक 48232/2025 में हस्तक्षेपकर्ता के रूप में अंतर्वर्ती आवेदन क्रमांक I.A. 16035/2026 माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। चंद्रशेखर शुक्ला के आवेदन को स्वीकार करते हुए माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर ने दिनांक 24/09/2026 को नारायण दुबे की संविदा नियुक्ति समाप्ति के विरुद्ध जारी स्थगन को समाप्त कर दिया है , जिसके आधार पर पर चंद्रशेखर शुक्ला ने यह तर्क देते हुए मांग की है कि स्थगन समाप्त होने के कारण नारायण दुबे की मूल संविदा नियुक्ति व उसके अनुक्रम में सेवावृद्धि स्वतः निरस्त हो गई है ,अतः नारायण दुबे को तत्काल सेवामुक्त किया जावे ,वर्तमान में नारायण दुबे के पक्ष में किसी न्यायालय से स्थगन नहीं है।
क्या होगी सेवा समाप्त- सेवानिवृत्त सहायक राजस्व निरीक्षक चंद्रशेखर शुक्ला के आवेदन पर आवेदन पर बहरहाल मुख्य नगरपालिका अधिकारी किशन सिंह ने कोई संज्ञान नहीं लिया है। प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय में लंबित है जिसकी सुनवाई इसी माह में होनी है । सुनवाई और न्यायालय के अंतिम आदेश के उपरांत ही कोई कार्यवाही विधिक दृष्टि से संभव प्रतीत होती है। लेकिन विभागीय महकमें में दबी जुबान में चर्चा है कि नारायण दुबे की संविदा नियुक्ति पर तलवार लटकती नजर आ रही है।

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