भोपाल – ज्योतिष मठ संस्थान के पंडित विनोद गौतम ने बताया कि

श्रावण शुक्ल पूर्णिमा शुक्रवार दिनांक 28 अगस्त 2026 रक्षाबंधन को खंडग्रास चंद्र ग्रहण होगा यह ग्रहण यूरोप, अफ्रीका, अमेरिका ,हिंद महासागर, प्रशांत महासागर ,अटलांटिक महासागर आदि में दिखाई देगा। यह ग्रहण भारत में दृश्य नहीं है। अतः इस ग्रहण के सूतक नियम मान्य नहीं है। ज्योतिष मठ संस्थान के ज्योतिषाचार्य एवं भविष्यवक्ता पंडित विनोद गौतम ने बताया कि ग्रहण का प्रारंभ भारतीय मानक समय अनुसार दिन में 8:04 पर तथा मोक्ष दिन में 11:22 पर होगा। यह ग्रहण शतभिषा नक्षत्र एवं कुंभ राशि पर पड़ेगा। ग्रहणमाला के अनुसार एक पखवाड़े में दो ग्रहण खतरे की घंटी मानी जाती है इसके पूर्व 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण के बाद यह चंद्र ग्रहण भूकंप के प्रभाव दे सकता है इस ग्रहण के प्रभाव से चंद्रमा की ऊर्जा शक्ति में कमी आएगी। अन्य ग्रहों की स्थिति के आधार पर समुद्री क्षेत्र में भूकंप आदि की स्थिति निर्मित हो रही है ।ग्रहण का प्रभाव कुंभ राशि में है इसके अतिरिक्त कर्क, सिंह, कन्या राशि पर सीधा प्रभाव रहेगा, मकर, कुंभ मीन राशि पर । विशेष प्रभाव होगा अतः इन राशि वालों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।
पंडित गौतम के अनुसार ग्रहण चाहे विदेश में पड़े लेकिन राशियों पर प्रभाव तो डालते ही हैं जिससे प्राकृतिक प्रकोप भूकंप आदि की स्थिति निर्मित होती है ज्योतिष मठ संस्थान के अनुसंधान के अनुसार यह ग्रहण भूकंपीय है अतः । वैश्विक स्तर पर पूर्णिमा के आसपास प्राकृतिक प्रकोप भूकंप आने की संभावना निर्मित हो रही है।

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