उमरिया- वर्ष 2024-25 में उमरिया जिले में धान खरीदी के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत अधिकृत फर्म एन.सी.सी.एफ.(भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संध मर्यादित) के जिला समन्वयक, ओर राईस मिलर्स के गठजोड के द्वारा धान खरीदी उपरांत धान उठाव की प्रक्रिया में एन.सी.सी.एफ. को करोंडो़ रूपयें का चूना लगाने का मामला सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त किये दस्तावेजो से प्रकाश  मे आया है।
यह है मामला –वर्ष 2024-25 में एन.सी.सी.एफ. के द्वारा धान खरीदी के उपरांत  जिला समन्यवयक जयदीप डूडी ने अपने चहेते चुनिंदा राईस मिलर्स के साथ मिलीभगत कर धान उठाव हेतु जारी किये जाने वाले डिलेवरी आर्डर/रिलीज आर्डर में हेरफेर कर एन.सी.सी.एफ.को अपने निहित स्वार्थो की पूर्ति हेतु करोंडो़ रूपयेे की चपत लगायी हैै। जयदीप डूडी ने राईस मिलरों को धान उठाव हेतु डिलेवरी आर्डर जारी किये तथा मिलर्स द्वारा धान उठाव करने के बाद जयदीप डूडी ने डिलेवरी आर्डर को सी.एस.एस.एस. पोर्टल (सिविल सप्लाईज माॅनिटरिंग सिस्टम) से डिलीट कर उसी क्रमांक का डिलेवरी आर्डर राईस मिलर को अन्य गोदाम से धान उठाव हेतु जारी कर दिया गया। पूर्व में जारी किये गये डिलेवरी आर्डर के आधार पर उठाई गई धान की इन्ट्री  सी.एस.एम.एस. पोर्टल पर मिलर्स और डूडी के द्वारा नही कराई गई। डूडी के इस कारनामे के कारण पूर्व में जारी किये गये डिलेवरी आर्डर से उठाई गई धान का विवरण सी.एस.एस.एस. पोर्टल पर प्रदर्षित नही हो रहा है। इस प्रकार बाद मे जारी किये गये डिलेवरी आर्डर से उठाव की गई धान की मिलिंग कर चावल की आपूर्ति शासन को करने के लिए मिलर्स उत्तदायी थे। डिलीट किये गये डिलेवरी आर्डर से उठाई गई धान का मिलर्स खुले बाजार मे बेच खाये है। सूत्र बताते है, कि इस घोटाले मे जयदीप डूडी एन.सी.सी.एफ. को चूना लगाने के एवज मे मिलर्स से मोटी रकम वसूला है।
घोटाले मे डूडी का रोलः- वर्ष 2024-25 में एन.सी.सी.एफ. के जिला समन्यवयक जयदीप डूडी द्वारा राईस मिलर्स को धान उठाव हेतु डिलेवरी आर्डर जारी किये जाते थे जिसकी प्रविष्टि सी.एस.एस.एस. पोर्टल पर की जाती थी, इस डिलेवरी आर्डर के आधार पर राईस मिलर्स धान का उठाव कर अपनी राईस मिल के गोदाम मे धान का भंडारण करते थे। अपने चहेते चुनिंदा राईस मिलर्स को जयदीप डूडी पूर्व में जारी डिलेवरी आर्डर को पोर्टल से डिलीट कर पुनः उसी क्रमांक  डिलेवरी आर्डर जारी कर देता था। जबकि नियम यह है कि किसी भी डिलेवरी आर्डर को पोर्टल से डिलीट करने के लिए जिस गोदाम से धान उठाव के लिए डिलेवरी आर्डर जारी किया गया था उसके गोदाम प्रभारी की इस आषय की टीप कि गोदाम मे धान उपलव्ध नही है, अंकित करवाना आवष्यक है। जयदीप डूडी ने डिलीट किये जाने वाले डिलेवरी आर्डरो पर बिना गोदाम प्रभारी की टीप अंकित कराये नियमों को ताक पर रख कर अपने चहेेते मिलर्स को फायदा पहुॅचानें के लिए डिलेवरी आर्डरो को डिलीट किया। डिलेवरी आर्डर को डिलीट करने के लिए जिला समन्वयक ओर कम्प्यूटर ऑपरेटर  के रजिस्टर्ड मोवाईल नंम्बर पर ओ.टी.पी. जनरेट होती है, जिसे सी.एस.एस.एस. पोर्टल पर फीड करने उपरांत  ही डिलेवरी आर्डर डिलीट होता है। सारे घटनाक्रम से स्पष्ट है, कि अपने कृपापात्र मिलर्स को लाभ पहॅुचाने के लिए डूडी ने सारा खेल रचा ओर एन.सी.सी.एफ को लगभग 04-05 करोंड़ रूपयें का चूना राईस मिलर्स के सहयोग से लगाया है।

इन राईस मिलरों ने खाई मलाई-उमरिया जिले के लगभग 10-11 राईस मिल संचालको के नाम दोहरे डिलेवरी आर्डर घोटाले मे प्रमुखता से सामने आए है। जिनमे माॅ ज्वाला राईस मिल मानपुर, श्रीराम राईस मिल मानपुर,राघव इंण्डस्ट्रीज मानपुर, विनायक राईस मिल मानपुर, षिव राईस मानपुर,राघिका राईस मिल उमरिया, एस.एस.इन्टरप्राईजेस उमरिया, डी.के.राईस मिल उमरिया, जय भोले राईस मिल बरबसपुर, सरस राईस मिल उमरिया, मुख्य हैं। राधिका राईस मिल के उमरिया ने दिनांक 18/02/2025 को जारी डिलेवरी आर्डर क्रंमाक 452445103251026,452445103251028,45244510325210,से 03 लाॅट धान का उठाव का ओपन कैप संगरा मंदिर से किया गया था, धान उठाव के बाद उक्त तीनों डिलेवरी आर्डर को पोर्टल से डिलीट करवाकर इन्ही क्रमांको के डिलेवरी आर्डर दिनांक 24/02/2025, को जारी करवाकर सेवा सहकारी समिति निपनिया नौरोजाबाद से तीन लाॅट धान का उठाव पुनः किया गया, इसी प्रकार से राधव इंण्डस्ट्रªीज सिगुडी मानपुर के द्वारा डिलेवरी आर्डर क्रं0-452445106251051, 452445106251053 से 02 लाॅट धान का उठाव अदिति वेयरहाउस मानपुर से किया गया था, धान उठाव के बाद उक्त 02 दोनो डिलेवरी आर्डर को पोर्टल से डिलीट करवाकर इन्ही क्रमांको के डिलेवरी आर्डर कमषः 25/03/2026 एवं 26/03/2025 को बालाजी वेयरहाउस अमरपुर से 02 लाॅट धान का उठाव पुनः किया गया, इसी प्रकार से षिव राईस मिल मानपुर के द्वारा डिलेवरी आर्डर क्रं0-452145107251034 से 01 लाॅट धान का उठाव बाला जी वेयरहाउस अमरपुर से किया गया था, धान का उठाव करने के बाद उक्त 01 इस डिलेवरी आर्डर को पोर्टल से डिलीट करवाकर इन्ही क्रमांको के डिलेवरी आर्डर 26/03/2026 को श्री दुर्गा ट्रªेंडिग कम्पनी बी.ओ.टी.वेयरहाउस अमरपुर से 01 लाॅट धान का उठाव पुनः किया गया, ऐसे ही अन्य राईस मिलरो ने भी इसी कृत्य की पुनरावृत्ति कर एन.सी.सी.एफ. को लगभग लगभग 04-05 करोंड़ रूपयें की आर्थिक क्षति डिलीट किये गये डिलेवरी आर्डर की धान हजम कर पहॅुचाई है।

घोटाले पर पर्दा डालने का प्रयास- घोटाले की भनक एन.सी.सी.एफ. के वरिष्ठ अधिकारियों को लगने पर जयदीप डूडी आनन-फानन मे शाखा प्रवंध वेयरहाउसिंग एण्ंड लाॅजिस्टिक कार्पोरेषन मानपुर एवं उमरिया को पत्र लिखकर मिलर्स द्वारा किये गये दोहरे धान उठाव के संवंध मे तथ्यात्मक प्रतिवेदन चाहा था जिसके जबाब में शाखा प्रवंधक वेयरहाउसिंग एण्ंड लाॅजिस्टिक कार्पोरेषन मानपुर एवं उमरिया जिला समन्वयक एन.सी.सी.एफ.उमरिया जयदीप डूडी को तथ्यात्मक प्रतिवेदन उपलव्ध कराते करा दिया। प्रष्न यह उठता है कि तथ्यात्मक प्रतिवेदन उपलव्ध कराये जाने के लगभग डेढ माह बाद भी जयदीप डूडी ने दोषी राईस मिलर्स के विरूध्द कोई कानूनी कार्यवाही क्यों नही की है? सूत्र बताते है कि जयदीप डूडी ने अपने कृपा पात्र राईस मिलर्स को बचाने के लिए दोहरे धान उठाव घोटाले के बारे मे तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्राप्त हो जाने के बाद भी वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत नही कराया है।

जांच हो तो उजागर हो सकता है कौन है मास्टमांइड- सारे घटनाक्रम से स्पष्ट होता है कि जयदीप डूडी और राईस मिलर्स ने मिलीभगत कर एन.सी.सी.एफ. को चूना लगाया है। उमरिया जिले में पूर्व में भी राईस मिलर्स के कई घोटाले उजागर हुए है। लेकिन कार्यवाही न होने के कारण तथाकथित भ्रष्टाचारी राईस मिलर्स के हौसले बुलंद है। यदि दोहरे धान उठाव घोटाले की उच्यस्तरीय निष्पक्ष जाॅच करवाई जाए तो इस घोटाले के असली मास्टरमाइंड का नाम उजागर होने के साथ-साथ दोषी राईस मिलर्स और जयदीप डूडी के विरूध्द भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण कायम हो सकता हैं एवं मिलिंग नीति एक्ट के तहत यदि नियमानुसार कार्यवाही की जाये तो ये मिलर्स ब्लैकलिस्ट हो सकते है।

 

 

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