ग्रामीण यंत्रिकी विभाग अनूपपुर का मामलाः-
अनूपपुर/उमरियाः-
तत्कालीन कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा अनूपपुर म0प्र0 सुगंन्ध प्रताप सिंह के विरूध्द वर्ष 2024 में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्माण कार्याे में मधप्रदेश भंण्डार क्रय नियम का पालन न करने व निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता न बरतते हुए भ्रष्टाचार करने के संवंध में एडवांेकेट दीपक कुमार मिश्रा सदस्य राज्य स्तरीय दिशा समिति निवासी ग्राम जमुई जिला शहडोल द्वारा की गयी शिकायत पर कार्यवाही की प्रक्रिया भ्रष्टाचार के पोषक विभागीय अधिकारियों के गठजांेड़ के सामने दम तोडती नजर आ रही है।
यह है मामलाः-
शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक आर्थिक अपराध प्रकोंष्ठ रीवा को दिये शिकायती पत्र में आरोंप लगाया है कि ग्रामीण यंत्रिकी सेवा संभाग अनूपपुर में वर्ष 2023-24 में लगभग 14 करोंड़ 59 लाख रूपये की लागत से स्वीकृत 23 निर्माण कार्यो में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री सुगंध प्रताप सिंह ने म0प्र0 भण्डार क्रय तथा सेवा उर्पाजन नियम 2015 तथा संशोधित नियम 2022 की धज्जियां उड़ातें हुए जमकर भ्रष्टाचार किया। शिकायत के अनुक्रम में सहायक महानिरीक्षक अपराध आर्थिक अपराध प्रकोंष्ठ भोपाल ने प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रमाीण विकास विभाग भोपाल को प्रकरण अंतरित कर दिया। प्रमुख सचिव के निर्देश पर प्रमुख अभियंता ग्रामीण यंत्रिकी सेवा भोपाल ने अपने कार्यालयीन पत्र क्रं0/737/22/वि-13/ग्रां,या,से,/प्रशा/2024 भोपाल दिनाॅक 05/11/2024 के द्वारा अधीक्ष्ंाण यंत्री मंण्डल शहडोल को 15 दिवस के भीतर अभिमत सहित जाॅच प्रतिवेदन उपलव्ध कराने हेतु निर्देशित किया।
जाॅच में उजागर हुआ धोंटालाः-
के,पी,पटेल तत्कालीन कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यंात्रिकी सेवा संभाग शहडोल ने अधीक्षण यंत्री के सामने प्रस्तुत किये गये जाॅच प्रतिवेदन ने सुगंध प्रताप सिंह के कारनामों की पोल खोंलकर रख दी जाॅच अधिकारी ने प्रतिवेदन में लेख किया है कि 96,93 लाख रूपयेेें, 79,70 लाख रूपये व 50,54 लाख रूपये के कार्यो के लिए निर्माण साम्रगी क्रय करने के लिए संक्षिप्त कोटेशन आंमत्रण सूचना दैनिक समय समाचार पत्र नें प्रकाशित की गई। निविदा में शामिल ठेकेदार राजमणि तिवारी ने प्राक्कलित क्रय मूल्य की अर्नेस्ट मनी प्रस्तुत नही की इसके उपरांत भी नियमों को ताक पर रखते हुए सुगंध प्रताप ने राजमणि तिवारी की निविदा खोला जाना स्वीकार किया। नवीन तालाब निर्माण खोंदखोदा नाला सुक्खु झिरिया ग्राम पंचायत मिट्ठू महुआ जनपंद पंचायत पुष्पराजगढ़ हेतु राजमणि तिवारी द्वारा पुनः अर्नेस्ट मनी जमा नही की गई अन्य निविदाकारों के द्वारा भी इसी कृत्य की पुनरावृत्ति की गई वावजूद इसके सुगंध प्रताप ने न केवल इन निविदाकारों की निवादाओं को खोंला जाना स्वीकार किया अपितु निविदा प्रक्रिया में भी शामिल किया। जाॅच अधिकारी के,पी, पटेल ने लेंख किया है, कि संक्षिप्त निविदा प्रकाशन में भी शासन के नियमों का पालन नही किया गया है। कराए गए कार्यो के तुलनात्मक पत्रक,विवरणी, दोष पूर्ण एवं म0प्र0 पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भंण्डार तथा सेवा उपार्जन नियम निर्देश क्रमशः 10,5,12 के सरल क्रं0 1, निर्देश क्रं0 13 के सरल क्रं0 2 निर्देंश क्र0 15, निर्देश क्रं0 22, निर्देश 23 के सरल क्रं0, 9,10 एवं 12 एवं निर्देश 24,27,28 का स्पष्ट रूप से उल्लंधन किए जाने का लेंख जांच अधिकारी ने किया है। तथा सभी 23 निर्माण कार्यो में लगने वाली साम्रगी की संक्षिप्त निविदा कार्यवाही को पूर्णतः दोंषपूर्ण एवं अपारदर्शी बताया है।
ई-टेन्डर न जारी कर शासन को लगाया चूनाः-
मनरेगा के कार्यो हेतु समानतः कुल स्वीकृत राशि का 60 प्रतिशत निर्माण सामग्री पर व शेष 40 प्रतिशत राशि मजदूरी पर व्यय करने का प्रावधान है। जाॅचाधीन कार्यो में से सबसे कम लागत का कार्य 32,14 लााख रूपयें का तथा सबसे अधिक लागत का कार्य 112,65 लाख रूपयें का है। जाहिर है कि इन कार्यो के लिए निर्माण सामग्री की अनुमानित क्रय लागत क्रमशः 19,28 लाख रूपयें तथा 67,59 लाख रूपयें होती है, जिसके के क्रय के लिए शासन के नियमानुसार ई-टेंन्डर की प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए था लेकिन सुगंध प्रताप सिहं ने शासन के नियमों को धता बताते हुए अपने चहेतों को लाभान्वित करने व निहित स्वार्थो की पूर्ति हेतु दोंष पूर्ण संक्षिप्त निविदा प्रक्रिया अपनाते हुए चहेते सप्लाईरों के माध्यम से अनापशनाप दरों पर खरीदी कर शासन को करोंडो़ रूपयें का चूना लगाया है।
रसूख के दम पर दबाई जाॅचः-
जाॅच के बाद विभागीय हलके में चर्चा थी की सुगंध प्रताप के विरूध्द कोई बडी अनुशासनात्मक कार्यवाही हो सकती है। लेकिन वेफ्रिक सुगध प्रताप सिह सबसे कहता फिर रहा था कि मेरी पहुॅच उपर तक है कोई मेरा कुछ नही बिगाड पाएगा। सुगंध प्रताप की बात सच साबित हुए ओर धनलक्ष्मी के बहुत बडे भक्त के नाम से विभाग में विख्यात तत्कालीन अधीक्षण यंत्री सुनील परमार ने प्रकरण की जाॅच दोबारा अमर सायराम कार्यपालन यंत्री अनूपपुर को सौप दी। जनचर्चा है कि सुनील परमार ने नई गठित जाॅच दल पर दबाब डाल कर जाॅच प्रतिवेदन में सुगंध प्रताप को बचाने के लिए जमकर लीपापोती कराए जिसका प्रमाण यह है कि कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा अनूपपुर के पत्र क्रं0/396/तक0/ग्रा,या,सेवा/2025 अनूपपुर दिनाॅक 06/03/2025 के माध्यम से प्रस्तुत किये गए जाॅच प्रतिवेदन में जाॅच दल के सदस्यों के पदनाम तो अंकित है किन्तु उनके नाम का कोई भी उल्लेंख नही है। अमरसायराम ने सभी 23 बिन्दुओं की जाॅच में सुगंध प्रताप को बरी कर दिया ओर जाॅच प्रतिवेदन में पूर्व में के,पी,पटेल के जाॅच प्रतिवेदन में उल्लेंखित तथ्यों का कोई भी उल्लेंख नही किया सुनील परमार ने के,पी पटेल के जाॅच प्रतिवेदन को रद्दी की टोकरी में ड़ालते हुए अमरसायराम द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर सुगंध प्रताप सिह को निर्दोष बताते हुए अपना अभिमत प्रमुख अभियंता को प्रेषित कर दिया। प्रश्न यह उठता है, कि जब विभाग के दों कार्यपालन यंत्री विरोधाभाषी जाॅच प्रतिवेदन पेश कर रहे थे तो अधीक्षण यंत्री सुनील परमार ने किसी अन्य विभाग के तकनिकी अधिकारी से जाॅच करवाना जरूरी क्यों नही समझा। सूत्रों का तो यहंा तक कहना है, कि सुगंध प्रताप धोंटाले की बडी रकम सुनील परमार को पहुॅचाया है।
धोंटाले के बाद मिला दों जिलों का प्रभारः-
सुगंध प्रताप का मूल पद सहायक यंत्री है लेकिन उसके रसूख का यह आलम कि करोंडो़ के धोंटाले में नाम आने के बाबजूद पारितोषक के तौर पर उसे शहडोल ओर उमरिया जिले के कार्यपालन यंत्री का प्रभार दे दिया गया है। जबकि शहडोल ओर उमरिया दोनो ही जिलों में सुगध प्रताप से वरिष्ठ सहायक यंत्री पदस्थ है। व वरीयता सूची में उपर आने वाले सहायक यंत्री को ही नियमानुसार प्रभार दिया जाना चाहिए लेकिन ऐसा प्रतीत होता कि टेबिल के नीचे के खेल में अधीक्षण यंत्री को सुगध प्रताप अधिक माहिर खिलाड़ी जान पडता है। सुगंध प्रताप के अनूपुर जिले के कारनामों की जानकारी लगने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री को लिखे पत्र मे सुगंध प्रताप को उमरिया जिले का प्रभार दिए जाने पर आपत्ति दर्ज करते हुए किसी अन्य सहायक यंत्री को उमरिया जिले के कार्यपालन यंत्री का प्रभार सौपे जाने का लेंख किया था जनप्रतिनिधियों के पत्र पर कोई कार्यवाही नही होने से यह स्पष्ट होता है, कि सुगंध प्रताप के पैसे ओर रसूख की सुगंध का प्रभाव भोपाल तक है। जिसके आगे जनप्रतिनिधि भी असहाय नजर आ रहे है। अनूपपुर मे भ्रष्टाचार की विरूदावली लिखने के बाद सुगंध प्रताप ने अपने भ्रष्टाचार का रथ उमरिया की ओर मोड दिया है ओर संभागीय लेंखापाल संकल्प नायक को अपना क्षत्रप नियुक्त किया है। सूत्र बताते है कि सुगंध प्रताप रात को 07 बजे से पहले आफिस नही आता है ओर कर्मचारीयों के मानवाधिकारों को ताक पर रख उन पर देर रात तक काम करने का दबाब बनाता है। सूत्र बताते है कि दिनभर संकल्प नायक अधिकारीयों की तरह व्यवहार करता है ओर विभागीय कार्य हेतु आने वाले लोगो पर सुगंध प्रताप के नाम पर अनानसनाप वसूली का दबाब बनाता है। स्थानीय समाजिक कार्यकर्ताओ का कहना है, कि अगर जल्द ही धोंटालो ओर स्वेच्छाचारीता का भस्मासुर बन चुके सुगंध प्रताप से उमरिया जिले को निजात नही मिली तो अनूपपुर में हुए धोंटाले व उमरिया जिले मे ंचल रहे निर्माण कार्यो की निष्पक्ष जाॅच हेतु उच्य न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी।

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