एम,पी,स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन लिमिटेड उमरिया का मामलाः-
उमरियाः-
एम,पी,स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन लिमिटेड जिला उमरिया में प्रभारी जिला प्रवंधक के पद पर जब से रोंहित सिंह ओर म,प्र वेयरहाउसिंग लॉजिस्टिक कार्पोरेशन के प्रवंधक के पद पर जब से श्रीमति लक्ष्मी मरावी की पदस्थापना हुए है। तब से राईस मिलर्स को इनके वरदहस्त तले मनमानी करने तथा शासन के नियम कानूनों की धज्जियंा उडानें का जैसे लायसेंस मिल गया है। इन दोनो अधिकारियों के संरक्षण में कई राईस मिलर्स ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में कार्पोरेशन के साथ बिना एग्ररीमेन्ट किए उपार्जित धान खुलें बाजार में बेंच खाई है।


यह है नियमः-
एम,पी,स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन के द्वारा किसानों से धान क्रय कर उसे सुरक्षित तरीके से एम.पी.डव्लू.एल.सी के वेयरहाउस में रखबाया जाता है। एम.पी.डव्लू.एल.सी के वेयरहाउस में पर्याप्त भंडारण क्षमता न होने की स्थिति में एम.पी.डव्लू.एल.सी राईस मिलरों से अनुबंध कर अतिरिक्त धान को अनुबंधित राईस मिलर्स के गोदाम में रखबाता है। राईस मिलर्स के गोदाम में भंडारित धान की सुरक्षा की जिम्मेदारी एम.पी.डव्लू.एल.सी की होती है। इस धान का उठाव करना राईस मिलर द्वारा तभी संभव है जब नागरिक आपूर्ति निगम उमरिया के पक्ष में राईस मिलरों के द्वारा एफ.डी.आर/बैंक गांरटी लाकर निगम के पक्ष में जमा कर धान मिलिंग हेंतु एग्रीमेंन्ट किया जाता है। ओर उसके बाद राईस मिलर द्वारा धान का डिलेवरी आर्डर निगम के माध्यम से जारी कराकर एम.पी.डव्लू.एल.सी के पास जमा कराकर धान का उठाव किया जाता है। निगम के साथ बिना एग्रीमेंन्ट किए धान का उठाव करना अपराधिक कृत्य की श्रेंणी में आता है। अवैधानिक तरीके से उठाई गई धान के लिए संबंधित राईस मिलर के साथ-साथ एम.पी.डव्लू.एल.सी का पदेन प्रवंधक भी दोंषी होता है।
ऐसे हुआ खेलः-
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील मानपुर के श्रीराम इंण्डटीज,श्रीविनायक राईस मिल,अवनी राईस मिल, मॉ ज्वाला राईस मिल, शिव राईस मिल,जलेश्वर राईस मिल, राइधव इंण्डस्टीज,डी,के राईस मिल कछराटोला,कृष्णा राईस मिल, के प्रोपाराईटर/मिलर्स ने उनके यहां भंण्डारित कराई गई धान की बडी मात्रा को एम.पी.स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन से एग्रीमेंन्ट किए बिना व पॉच लाख की एफ,डी,आर जमा किए बिना और डिलेवरी आर्डर प्राप्त किए बिना खुले बाजार में रोहिंत सिह व लक्ष्मी मरावी का वरदहस्त प्राप्त कर विक्रय कर दिया है। सूत्र बताते है कि नियम कायदो को ताक पर रखकर मिलर्स को दी गयी इस अवैधनिक कृत्य के एवज में दोनो अधिकारियों ने मिलर्स से मोटी रकम वसूली है।
शासन के पैसे से हो रहा है व्यापारः-
अवैधनिक तरीके से बेची गई धान से प्राप्त धन राशि का उपयोग मिलर्स द्वारा एम.पी.स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन लिमिटेड के साथ एग्रीमेंन्ट करने के समय जमा होने वाली लाख रूपये राशि की एफ,डी,आर जमा करने में किया जा रहा है। जाहिर है मिलर्स रोहित सिह ओर लक्ष्मी मरावी के आशीर्वाद से शासकीय धान का अवैध विक्रय कर अपने व्यापार व्यवसाय के लिए पैसा जुटा रहे है। ऐसा प्रतीत होता है, कि दोनो ही अधिकारियों को शासन के हित की जगह अपने व्यक्तिगत हित की अधिक परवाह है।
ऐसे होगा लीपापोती का खेंलः-
अवैध रूप से बेची गई धान के प्रकरण में होने वाली संभावित जॉच से बचने के लिए रोंहित से के मार्गदर्शन में मिलर्स आनन फानन में एम.पी.स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन के साथ एग्रीमेंन्ट करने के फिराक में है। जवकि दो मिलर्स धोंटाले पर पर्दा डालने के लिए निगम से एग्रीमेंन्ट करा चुके है। सूत्रों का कहना है, कि एग्रीमेंन्ट उपरांत बेची गई अवैध धान 67 प्रतिशत धटिया कम मूल्य का चावल उत्तर प्रदेंश से खरीदकर एम.पी.डव्लू.एल.सी के गोदाम में जमा करा दिया जाएगा। रोंहित सिह और लक्ष्मी मरावी का संरक्षण होने के कारण मिलर्स द्वारा धटिया चावल जमा कराकर शासन को कई करोंड रूपयें का चूना लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
औचक जॉच हो तो धोंटाले का होगा खुलासाः-
जिन राईस मिलर्स के यहां धान का भंण्डारण किया गया हैं, उन राईस मिलरों के डिलेवरी आर्डर जारी करने पर तत्काल प्रभाव से रोंक लगाकर मिलर्स के भण्डारित धान की एम.पी.डब्लू.एल.सी के रिकार्ड में दर्ज मात्रा के संगत भौतिक सत्यापन कराया जाए तो रोंहित सिह और लक्ष्मी मरावी और मिलर्स के गठजोड से किया गया बडा धान धोंटाला उजागर हो सकता है। लक्ष्मीभक्त रोंहित सिंह को जब से ए एम.पी.स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन लिमिटेड जिला उमरिया के जिला प्रवंधक का प्रभार मिला है। तबसे कर्मचारियों और मिलर्स की स्वंेच्छााचारिता का कार्पोरेशन में बोलबाला हो गया है। सूत्र बताते है, कि जो मिलर्स साहब को खुस कर देते है, उन्हे नियमों को ताक पर रखकर कुछ भी करने का अभयदान मिल जाता है। जनचर्चा है कि विभाग में व्याप्त अनियमितताओं के बारे रोहिंत सिह को अवगत कराने पर रोहित सिंह कहता है कि विभाग का मालिक मैं हूॅ मेंरा जैसा मन करंेगा वैसे विभाग चलाउगंा मेरे उपर चुरहट के बहुत बडें नेता का हाथ है। कोई मेरा कुछ नही विगाड सकता है। तथाकथित नेता जी के नाम पर रोंहित सिंह विभाग में भ्रष्टाचार का स्वेंच्छाचारिता का तांडव मचा रखा है। देखना यह है कि नवागत कलेंक्टर इस निरंकुश अधिकारी की लगाम कस पाती हैंं या नही?

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